आज से ठीक एक साल पहले,जब दुनिया यूं ही थमी हुई थी, वक्त मुश्किल से आगे सरक रहा था, हम सब किसी तरह खुद को संभाले हुए इस काल में बीत रहे थे, अपनी -अपनी मुश्किलों में मशगूल, तब कोई अपना चुपके से हाथ छुड़ा कर आगे निकल गया। अपना ही था वो, बिलकुल हमारे जैसा, हमारे जैसों की कहानियां दिखाने वाला, हमारे जैसे किरदार जीने वाला। मैं ये हर जगह पढ़ रही थी, हर कोई कह रहा था की मानो उनका कोई अपना चला गया हो। वो हमारी उम्मीद भी था और हमारी शान भी।

Tribute by Manav Kaul
Tribute by Manoj Bajpayee

बॉक्स ऑफिस की जगमगाहट से परे एक ऐसा सितारा जिसकी रोशनी स्थाई थी, कोई भी शुक्रवार उसकी चमक धुंधली नही कर सकता था। और उसकी चमक का मकसद हमें चकाचौंध करना नही था बल्कि बोझिल, उबाऊ, एकरस मुख्यधारा सिनेमा में भी उम्मीद की किरण बनकर रजत पट (सिल्वर स्क्रीन) को रोशन करते रहना था। जब हम औसत, और उससे भी कम दर्जे के अभिनय को देख कर मायूस होते थे तो वो दो जोड़ी गहरी आंखें अपने अंदर अनगिनत भाव लिए हमारा मन बहलाती, हमें हैरान करती, ऊब से डूबते सिने प्रेमी दिल को उबार देती। वो हमारी सबसे बड़ी धरोहर भी था और हमारा सबसे बड़ा नुकसान भी।

Varun Grover writes…

दूरदर्शन से लेकर कारवां तक का सफर आंखों के सामने आ गया। मैं हर जगह उसके बारे में पढ़ रही थी, हर जगह उनके बारे में ढूंढ रही थी। क्या छूट गया, क्या बच गया? क्या नही देख पाई , क्या दोबारा देखना रह गया था? ठीक ही था जो कुछ अनदेखा रह गया था, वो चला गया, उसके किसी नए किरदार के जादू को पहली बार देखने का रोमांच तो है।

Pankaj Tripathi remembers Irrfan
Sanjay Mishra pays tribute to Irrfan

ढूंढते- ढूंढते मैं भी इरफान के कायनात का एक छोटा सा बिंदु बन गई। जिसे मैं प्यार करती थी, पूरी कायनात भी उसे उतना ही प्यार करती थी। बहुत से हिस्सों में बंटी इस दुनिया को इरफान जाते हुए एक समान मैदान में ले आया। सबमें इरफानियत का रंग था। सब इरफानमय थे। महान कलाकार, एक मज़हब बन गया।
पढ़ते पढ़ते मेरा दुख , अथाह प्रेम में बदलता गया। जिसे कभी नहीं मिले, उससे इतना जुड़ाव, उसके जाने का इतना दुख भी होता है क्या? उस दिन मैंने, इरफानियत के नाम लिखे इन छोटे लेकिन विशाल भाव और प्रेम को समेटे हुए पत्रों को हमेशा के लिए संभाल के रख लिया।

आज ये सबसे साझा कर रही हूँ।

In Memoriam by The Academy
Fahadh Fasil remembers Irrfan fondly

इरफान के नाम ये आखरी प्रेम पत्र हीं उसकी विरासत है

Mindy Kaling writes…
Kal Penn, Irrfan’s costar from The Namesake
Nawazuddin – Irrfan’s costar from The Lunch Box

ये पढ़कर आने वाले 50 सालों के बाद की पीढ़ियाँ हैरान होगी कि हिंदुस्तानी सिनेमा में एक ऐसा भी महानायक था जो सबका अपना था।

Tom Hanks
Mira Nair
Shahrukh Khan fondly remembers Irrfan
Paulo Coelho pays tribute to Irrfan

#इरफानअमरहै

#irrfanisimmortal

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